आज का विचार

संतो की कठिनाई है कि जो पाया है वह इतना अनोखा है कि सबको इसे पाना ही चाहिए और वे सब कहीं और ही व्यस्त हैं। और मनुष्य का भ्रम दोनों के बीच भी मायाजाल को काटने उपाय हो जाता है।

हक़ीरो-नातुवां तिनका

इन पंक्तियों के माध्यम से सूफ़ी फ़क़ीर अहंकार की यात्रा पर जाने वाले व्यक्ति की भावना को प्रकट किया है।