🔹🔹 लाओ त्ज़ु पर ओशो श्री अरविंद के माध्यम से 🔹🔹

43. THE BEST TEACHING HAS NO WORDS - - - The softest overcomes the hardest, the insubstantial penetrates the material. A wise man knows the value of accomplishment without action, he teaches without words and lets things flow freely. Few can do this. 45:NON-INTERFERENCE BRINGS STABILITY - - - Real perfection seems incomplete, yet its … Continue reading 🔹🔹 लाओ त्ज़ु पर ओशो श्री अरविंद के माध्यम से 🔹🔹

लोग टाइम टेबल ही पढ़ते रहते हैं

ब्रेकेट में मैंने अपने अनुभव के आधार पर उस हिस्से पर और प्रकाश डालने का प्रयत्न किया है ताकि आप ओशो के उँगली के इशारे की तरफ़ नज़र डालें ना कि उँगली की पूजा करने लगें। "लोग बहाने खोजते हैं--न मालूम कितने-कितने! पति कहता है कि पत्नी रोकती है। कौन किसको रोक सका है: कौन … Continue reading लोग टाइम टेबल ही पढ़ते रहते हैं

वही संपत्ति है जो मृत्यु के पार चली जाए-ओशो

भीतर छुपा है कोहिनूर और भिखारी की तरह जीवन जी रहे हैं। बड़े कोष्ठक में ओशो एक कहानी के संदर्भ में जो कह रहे हैं वह है और छोटे कोष्ठक में मेरे अनुभव से ओशो के प्रवचन पर प्रकाश डाला गया है ताकि आपको बात गहरे बैठ जायँ और आप आज ही से जीवन में … Continue reading वही संपत्ति है जो मृत्यु के पार चली जाए-ओशो

तुम अपने को जमा लो, सारी दुनिया अपने आप जमने लगेगी।-ओशो

मैं तुमसे कहता हूं कि तुम इतना ही कर लो कि तुम अपने को जमा लो, सारी दुनिया अपने आप जमने लगेगी। एक छोटे स्कूल में ऐसा हुआ कि एक शिक्षक बच्चों को समझा रहा था। दुनिया का नक्शा उसने कई टुकड़ों में काट दिया और बच्चों से कहा कि अब तुम इसे जमा कर … Continue reading तुम अपने को जमा लो, सारी दुनिया अपने आप जमने लगेगी।-ओशो

मेरी उठावना पत्रिका – ज्यों की त्यों धर दिनी चादरिया

इस पोस्ट को लिखने में मुझे क़रीब एक महीना से ज़्यादा की साधना करनी पड़ी। क्योंकि मेरा अनुभव नहीं बने तो मैं नहीं लिखूँगा यह पहली condition है। बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव होता है यह आध्यात्मिक यात्रा का। अपने हाथों अपनी मौत की घोषणा करने जैसा है। मैं कहा करता था दोस्तों की कि मैं अपने उठवाने की पत्रिका खुद छपवाकर सबको पहले ही दे जाऊँगा। और और दोस्तों से मिलते ही मैं उनको भी पूछता था ‘क्यों ज़िंदा हो अभी तक, मरे नहीं? तुम्हारी भी पत्रिका छपवा ली है मैंने तो। मेरे साथ कौन जाएगा फिर?’