Enlightenment is experiencing the Zeno effect.

When intervals become infinite, the time become zero! Our inner reality is constant or constant emptiness. Jesus replied that there will be no time when you enter the kingdom of god, upon asking about the characteristics of the kingdom of good. Photo credit : Resonance science foundation. The FB post or a post by Wilium … Continue reading Enlightenment is experiencing the Zeno effect.

खुदी का नशेमन तेरे दिल में है, फलक जिस तरह आंख के तिल में है-किस तरह किबरीज़ से रोशन हो बिजली का चिराग!h

“हम बड़े बेईमान हैं। हम हजार बहाने करते हैं। हमारी बेईमानी यह है कि हम यह भी नहीं मान सकते कि हम संन्यास नहीं लेना चाहते, कि वैराग्य नहीं चाहते। हम यह भी दिखावा करना चाहते हैं कि चाहते हैं, लेकिन क्या करें! किंतु-परंतु बहुत हैं। ‘ 'पापकर्म के प्रवर्तक राग और द्वेष ये दो … Continue reading खुदी का नशेमन तेरे दिल में है, फलक जिस तरह आंख के तिल में है-किस तरह किबरीज़ से रोशन हो बिजली का चिराग!h

लोग टाइम टेबल ही पढ़ते रहते हैं

ब्रेकेट में मैंने अपने अनुभव के आधार पर उस हिस्से पर और प्रकाश डालने का प्रयत्न किया है ताकि आप ओशो के उँगली के इशारे की तरफ़ नज़र डालें ना कि उँगली की पूजा करने लगें। "लोग बहाने खोजते हैं--न मालूम कितने-कितने! पति कहता है कि पत्नी रोकती है। कौन किसको रोक सका है: कौन … Continue reading लोग टाइम टेबल ही पढ़ते रहते हैं

वही संपत्ति है जो मृत्यु के पार चली जाए-ओशो

भीतर छुपा है कोहिनूर और भिखारी की तरह जीवन जी रहे हैं। बड़े कोष्ठक में ओशो एक कहानी के संदर्भ में जो कह रहे हैं वह है और छोटे कोष्ठक में मेरे अनुभव से ओशो के प्रवचन पर प्रकाश डाला गया है ताकि आपको बात गहरे बैठ जायँ और आप आज ही से जीवन में … Continue reading वही संपत्ति है जो मृत्यु के पार चली जाए-ओशो

व्यक्ति परम मूल्य है। राज्य व्यक्ति का सेवक है, मालिक नहीं।-ओशो

Awareness is the key to understand nature of your act. राज्य व्यवस्थापक होना चाहिए, नियंत्रक नहीं। राज्य का उपाय..उपयोगिता व्यवस्था-आधारित होनी चाहिए। लोगों के जीवन में कितनी सुविधा आ सके, उसके लिए राज्य को फिकर करनी चाहिए। और राज्य को बाधा नहीं देनी चाहिए लोगों के जीवन में। बाधा तभी देनी चाहिए जब कोई व्यक्ति … Continue reading व्यक्ति परम मूल्य है। राज्य व्यक्ति का सेवक है, मालिक नहीं।-ओशो