ऐसी भक्ति करे रैदासा।

रैदास की शिष्या, मीरा, के कृष्ण से मिलन की यात्रा को आज के परिदृश्य में बताने का प्रयत्न किया है। वह परमात्मा हमारा स्वरूप ही है, लेकिन यात्रा की भारी भरकम क़ीमत जो चुकाने को तैयार है उसे ही मिलता है। नाथद्वारा मैं आज भी मीरा का मंदिर है जो इस घटना का प्रमाण है। इसलिए उसे तोड़ा नहीं गया, पूरे मंदिर का पुनर्निर्माण कर दिया गया। वही उस मंदिर का केंद्र है।

Today’s thought (amended).

Ultimate potential or destiny of every human being. Wanna rediscover - we all lived in this state in our (every) childhood? Trying or not in this life itself is choice available too.The Crown ChakraCredit : Wikipedia https://en.m.wikipedia.org/wiki/Sahasrara Before going to sleep I meditate for 15 minutes(may be 1-2 minutes only as I get up only … Continue reading Today’s thought (amended).