अहिंसा और नेता – ओशो की नज़र से

ओशो के अहिंसा और सत्ता के असर पर प्रवचन

Use your wit.

Just like in marketing the duty of a sage or Mystic is to create thirst in you. A demand for embarking on inner journey is created so that you could begin it. Here using the talks of Osho on Kabir I tried to bring more clarity on their words.

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घणा दिन सो लियो रे, अब तो जाग मुसाफ़िर जाग।-A mystical song translated.

इस देश के आध्यात्मिक यात्रा पर किए अनुसंधान इतने गहरे गए हैं कि कहीं और इस जगत में उसकी बराबरी नहीं है। सत्य हमेशा नएनए रूप में जगत के सामने आता रहेगा यह उसका स्वभाव है। यदि जिनके ऊपर इसके अनुसंधान की ज़िम्मेदारी है वे जब जब भी अपनीज़िम्मेदारी से च्युत होंगे, सत्य अपने को प्रकट कहीं और से करने लगेगा।

हर शरीर में रामायण या महाभारत घट रही है प्रतिक्षण।

महाभारत मेरी नज़र से। मानव शरीर को मैंने पाँच पांडवों और कौरवों के घटनाक्रम का स्टेज पर नाटक के रूपांतरण के रूप में प्रस्तुत किया है। आध्यात्मिक दृष्टि से इस महाकाव्य की रचना क्यों की गयी होगी यह बताने का प्रयास किया है