आज का विचार

संतो की कठिनाई है कि जो पाया है वह इतना अनोखा है कि सबको इसे पाना ही चाहिए और वे सब कहीं और ही व्यस्त हैं। और मनुष्य का भ्रम दोनों के बीच भी मायाजाल को काटने उपाय हो जाता है।

Use your wit.

Just like in marketing the duty of a sage or Mystic is to create thirst in you. A demand for embarking on inner journey is created so that you could begin it. Here using the talks of Osho on Kabir I tried to bring more clarity on their words.

A fish is thirsty.

Whole world is facing very difficult time due to COVID-19 virus. People of every nation were trying their best to make their part of the world a better place to live. We were living in the best time ever on this planet. Enjoying material life, comfort and little effort to grow in their religious journey too. Irrespective of our religion, this pandemic brought all that to a halt by Lockdowns. It is right time to look at the other side of the coin called human life. With this podcast the effort is to reach out to the one who prefers to listen instead of reading long posts of mine.

घणा दिन सो लियो रे, अब तो जाग मुसाफ़िर जाग।-A mystical song translated.

इस देश के आध्यात्मिक यात्रा पर किए अनुसंधान इतने गहरे गए हैं कि कहीं और इस जगत में उसकी बराबरी नहीं है। सत्य हमेशा नएनए रूप में जगत के सामने आता रहेगा यह उसका स्वभाव है। यदि जिनके ऊपर इसके अनुसंधान की ज़िम्मेदारी है वे जब जब भी अपनीज़िम्मेदारी से च्युत होंगे, सत्य अपने को प्रकट कहीं और से करने लगेगा।

जो कर्ता में अकर्ता, और अकर्ता में कर्ता को देखता है। वही देखता है।

जो कर्ता में अकर्ता, और अकर्ता में कर्ता को देखता है। वही देखता है। गीता के एक श्लोक पर आधारित है यह. बचपन में अंधे और लंगड़े की पढ़ी कहानी को इसके माध्यम से आध्यात्मिक यात्रा के लिए उपयोगी बताने का प्रयास किया है ।