आज का विचार

संतो की कठिनाई है कि जो पाया है वह इतना अनोखा है कि सबको इसे पाना ही चाहिए और वे सब कहीं और ही व्यस्त हैं। और मनुष्य का भ्रम दोनों के बीच भी मायाजाल को काटने उपाय हो जाता है।

Use your wit.

Just like in marketing the duty of a sage or Mystic is to create thirst in you. A demand for embarking on inner journey is created so that you could begin it. Here using the talks of Osho on Kabir I tried to bring more clarity on their words.

One who walks alone.

Inner journey can never become together. The very essence of being alone is tried to explain from my own experiences of inner journey. Anyone can begin, this is half done. If someone is able to continue than it happens on its own accord. Wu-Wei-Wu. Mind is the only hurdle to it and meditation is the remedy to it.

अंधेरी रात, तूफ़ाने तलातुम, नाख़ुदा गाफ़िल।

संसार की नाव में यात्रा तो सुरक्षित है क्योंकि नाव इस किनारे से बंधी है। लेकिन ज़्यादा से ज़्यादा नदी की बीच धार तक ही जा सकती है। और वहाँ यदि यह तूफ़ान में फँसे तो यह रस्सी जो सुरक्षा देती थी यही मौत का कारण बन जाती है। इसी को नाख़ुदा गाफ़िल कहा है। फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है कि मैंने मँझधार में जाकर किश्ती को छोड़ दिया और अपने ऊपर भरोसा रखा कि यदि हम ग़लत कदम नहीं उठाएँ तो हमको कोई सही जगह पहुँचने से नहीं रोक सकता।

होंश

This post is in Hindi about awareness meditation as advices by Buddha and Mahavir. Osho here describe in detail about how to imbibe it in our life so that naturally it starts flowing through us.