परमात्मा उपलब्ध है गुरु के बिना – ओशो

परमात्मा उपलब्ध है गुरु के बिना, मगर उपलब्ध हो न सकेगा। जब वह उपलब्ध हो जाएगा तब तुम जानोगे कि हो सकता था। लेकिन वह सदा बाद में। कोलंबस ने अमरीका खोजा। जब तक नहीं खोजा, तो कोई भरोसा नहीं था किसी को; लोग सोचते थे यह गया, यह लौटने वाला नहीं है। क्योंकि यह … Continue reading परमात्मा उपलब्ध है गुरु के बिना – ओशो

Psycho cybernetics for spiritual progress

Indian Mystic Kabir, just 550years before said: जो तो चाहे मुक्ति को, छोड़ दे सब आस। मुक्त ही जैसा हो रहे, सब-कुछ तेरे पास॥ Means: If you wish for freedom in your life it is because eternal freedom is your very basic nature and by being grown up between worldly peoples you got same opinion … Continue reading Psycho cybernetics for spiritual progress