Use your wit.

Just like in marketing the duty of a sage or Mystic is to create thirst in you. A demand for embarking on inner journey is created so that you could begin it. Here using the talks of Osho on Kabir I tried to bring more clarity on their words.

अंधेरी रात, तूफ़ाने तलातुम, नाख़ुदा गाफ़िल।

संसार की नाव में यात्रा तो सुरक्षित है क्योंकि नाव इस किनारे से बंधी है। लेकिन ज़्यादा से ज़्यादा नदी की बीच धार तक ही जा सकती है। और वहाँ यदि यह तूफ़ान में फँसे तो यह रस्सी जो सुरक्षा देती थी यही मौत का कारण बन जाती है। इसी को नाख़ुदा गाफ़िल कहा है। फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है कि मैंने मँझधार में जाकर किश्ती को छोड़ दिया और अपने ऊपर भरोसा रखा कि यदि हम ग़लत कदम नहीं उठाएँ तो हमको कोई सही जगह पहुँचने से नहीं रोक सकता।

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द्रोपदि का आधुनिक चीरहरण

पुराने जमाने में स्त्री को ज्ञान प्राप्ति नहीं हो सकती थी, लेकिन मीरा, राबिया, दयाबाई इत्यादि ने साबित कर दिया कि जीसस के ज्ञानप्राप्ति के बाद से धर्म की यात्रा में अब समाज का निम्न वर्ग और स्त्री दोनों ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं, और कई कर भी चुके।

Yahan saqi Osho hai.

Photo Credit: AirtelMost people consider themselves as zero in front of God or enlightened persons, but such people are proof too that the infinite is within each of us too. They all lived normal life before enlightenment. Just the strong desire is missing, and right direction emerges on its own. pairodi (पैरोडी) on ‘Yeh hai … Continue reading Yahan saqi Osho hai.