ताओ पुरुष की तरह aggressive नहीं है, स्त्री की तरह receptive है.

मातृशक्ति की तरह वह संसार को आपने गर्भ में सम्भाले हुए है और संसार उसके गर्भ में धीरे धीरे बढ़ रहा है। उसी से ऊर्जा ग्रहण करके संसार विकसित हो रहा है। हमारे द्वारा किया गया कोई भी कर्म इसीलिए कोई मायने नहीं रखता है। हम इस संसार रूपी गर्भस्थ शिशु के शरीर में कोई … Continue reading ताओ पुरुष की तरह aggressive नहीं है, स्त्री की तरह receptive है.

मेहंदी और मनुष्य जीवन

आज मुझे आंतरिक प्रेरणा हुई कि कितनी समानता है मनुष्य और मेहंदी में। काश की हम सब अपना हर पल इस प्रकार बिता सकें कि जब हम सूख कर खिर जायें तो पीछे लाल रंग से रंगी मोहक कलाकृति हो रह जाएँ और उसको बरकरार रखने के लिए हम भी अदृष्टता में अमर होकर रह जाएँ। जैसे आज ओशो हैं।

होंश – updated

हिंदी में यह पोस्ट मेरे जीवन की छोटी शुरुआत के आत्मज्ञान प्राप्ति की साधना में अपने आप बदल जाने के बारे में है। This post is in Hindi about awareness meditation as advices by Buddha and Mahavir. Osho here describe in detail about how to imbibe it in our life so that naturally it starts flowing through us.

How does the holy Bible and Unified Field Physics align?

In the answer to a question raised in a group I highlighted importance of attaining enlightenment by a person to become a good scientist. Indian Mystics have developed Ayurveda this way only. Then process stopped by their followers and they became record keeper only. It needs to begin again.

What does Osho mean by ‘Zorba the Buddha’?

In this post I tried to help understand the concept ‘Zorba the Buddha’ given by Osho. It’s root is based upon an Indian saying the sins of all past lives gets burned upon getting enlightened. So definitely sins of this life even lived as Zorba too will get burned.