Yoga without awareness meditation is less effective.

योगासन का भी पूरालाभ तभी मिलेगा जब आप पूरे awareness के साथ अपने शरीर को गती या विराम देंगे योगासन करते समय।

ताओ पुरुष की तरह aggressive नहीं है, स्त्री की तरह receptive है.

मातृशक्ति की तरह वह संसार को आपने गर्भ में सम्भाले हुए है और संसार उसके गर्भ में धीरे धीरे बढ़ रहा है। उसी से ऊर्जा ग्रहण करके संसार विकसित हो रहा है। हमारे द्वारा किया गया कोई भी कर्म इसीलिए कोई मायने नहीं रखता है। हम इस संसार रूपी गर्भस्थ शिशु के शरीर में कोई … Continue reading ताओ पुरुष की तरह aggressive नहीं है, स्त्री की तरह receptive है.

My Comment on ’save osho Legacy’ movEment’s posts/videos on FB.

Photo by Anna Shvets on Pexels.com OSHO looking at his disciples who are ’Saving Osho heritage’! My English is poor, pronunciation is further ahead of it. Still I write so that you may get a glimpse towards which I am pointing to, like it happens when you ask a stranger in non-English speaking country about … Continue reading My Comment on ’save osho Legacy’ movEment’s posts/videos on FB.

अंतिम पायदान से शून्य में छलाँग

क़रीब पिछले पंद्रह दिनों में मेरे अनुभवों को में कबीर के इस दोहे के समान अनुभव करता हूँ। कबीर मन निश्चल भया, और दुर्बल भया शरीर। तब पीछे लागा हरी फिरे, क़हत कबीर कबीर।।

मनुष्य यंत्र की भाँति जीता है।English part updated with a video.

ओशो का यह Audio मनुष्य के जीवन के महत्वपूर्ण रहस्य को उद्घाटित करता है कि जीवन भर अपने सारे प्रयत्न के बावजूद भी वह क्यों जीवन के अंत तक परेशान, दुखी और असंतुष्ट बना रहता है। ख़ुशी जीवन का उसके जीवन में बस एक छोटा से हिस्सा ही नसीब होता है। उसे मनोचिकित्सक भी इतनी सरलता से उसको नहीं समझा सकते जो ओशो नेसमझाने का प्रयास किया है।