मनुष्य यंत्र की भाँति जीता है।English part updated with a video.

ओशो का यह Audio मनुष्य के जीवन के महत्वपूर्ण रहस्य को उद्घाटित करता है कि जीवन भर अपने सारे प्रयत्न के बावजूद भी वह क्यों जीवन के अंत तक परेशान, दुखी और असंतुष्ट बना रहता है। ख़ुशी जीवन का उसके जीवन में बस एक छोटा से हिस्सा ही नसीब होता है। उसे मनोचिकित्सक भी इतनी सरलता से उसको नहीं समझा सकते जो ओशो नेसमझाने का प्रयास किया है।